नागरिकता बिल को बाइचुंग भूटिया ने बताया ‘खतरनाक’, कहा- सिक्किम में लागू नहीं होने देंगे

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केंद्र सरकार के द्वारा लाए जा रहे नागरिकता संशोधन बिल का सभी विपक्षी पार्टियां विरोध कर रही हैं. अब इस बिल के विरोध में भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया भी आ गए हैं. फुटबॉलर से नेता बने बाइचुंग भूटिया का कहना है कि हमारी पार्टी इस बिल का विरोध करेगी, भले ही अभी सिक्किम इस बिल से सीधे प्रभावित ना हो रहा हो लेकिन लंबे समय के लिए ये बिल खतरनाक साबित हो सकता है.

बाइचुंग भूटिया ने 2018 में अपना राजनीतिक दल ‘हमरो सिक्किम पार्टी’ बनाया था. नागरिकता संशोधन बिल के बारे में उन्होंने कहा, ‘ये बिल सिक्किम के लोगों के हक में नहीं है, ये बांग्लादेश-अफगानिस्तान-पाकिस्तान के लोगों से जुड़ा है. हम बांग्लादेश से जुड़े हुए हैं, अभी बंगाल और नॉर्थ ईस्ट के कुछ राज्यों के साथ भी कुछ मुद्दे चल रहे हैं. ऐसे में अगर बड़े स्तर पर देखें तो सिक्किम भी इस बिल से प्रभावित होता है. मुझे उम्मीद है कि सिक्किम की राज्य सरकार इस बिल का विरोध करेगी’.

पूर्व भारतीय कप्तान बोले कि सिक्किम में हमारे पास आर्टिकल 371(F) है, हमारा अपना सिक्किम सब्जेक्ट एक्ट है. ऐसे में उन्हें लगता है कि एनआरसी की जगह सिक्किम सब्जेक्ट मुद्दे हमें आगे बढ़ना चाहिए.

उन्होंने कहा कि अभी का मुद्दा सिर्फ विदेशी नहीं हैं, बल्कि वो भी है जो सिक्किम से बाहर है. महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, मेघालय, अरुणाचल जैसे राज्य भी अपने नागरिकों की हक की बात करते हैं, हम भी अब अपने नागरिकों के हक के लिए लड़ना चाहते हैं, इसमें कुछ भी गलत नहीं है.

बाइचुंग भूटिया की हमरो सिक्किम पार्टी नागरिकता संशोधन बिल का पुरजोर विरोध करेगी और इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखेगी. भूटिया ने कहा कि हम सिक्किम में सिटिजन बिल को स्वीकार नहीं करेंगे, इसके बदले हम चाहेंगे कि सिक्किम सब्जेक्ट आइडेंटिफिकेशन को लागू करवाना चाहेंगे.

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन बिल को मोदी कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है, जल्द ही इस बिल को पास कराने के लिए संसद में पेश किया जाएगा. इस बिल के तहत जो हिंदू, बौद्ध, जैन, सिख शरणार्थी भारत में आते हैं, उन्हें भारतीय नागरकिता मिलना आसान हो जाएगा.