नहीं दूंगा NRC के लिए दस्तावेज, बना लें बंदी- पूर्व आईएएस ने अमित शाह को लिखा खत

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नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) को लेकर सियासत गरमाई हुई है। बिल के विरोध में लोग सड़कों पर उतार आए हैं। विपक्ष, बॉलीवुड, सामाजिक कार्यकर्ताओं से लेकर आईएएस ऑफिसर तक इस बिल का विरोध कर रहे हैं। देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी बीच एक पूर्व आईएएस ऑफिसर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को खत लिखा है। पूर्व आईएएस शशिकांत सेंथिल ने अमित शाह को कहा है कि मैं अपने एनआरसी के दस्तावेज नहीं जमा करूंगा आपको मुझे बंदी बनाना है तो बना लें।

शशिकांत सेंथिल ने ट्विटर पर लिखा कि मैं एनआरसी को मंजूर करने से इनकार करता हूं। इसलिए मैंने अपनी नागरिकता को साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज जमा न करने का फैसला किया है। अपनी सविनय अवज्ञा के खिलाफ कोई भी सजा भुगतने के लिए मैं तैयार हूं। सेंथिल पहले भी सरकार के फैसलों का विरोध कर चुके हैं। सेंथिल ने जम्मू और कश्मीर से अनुछेद 370 हटाने और विशेष दर्जे को समाप्त करने के विरोध में आईएएस से इस्तीफा दे दिया था। वह तब दक्षिणा कन्नड़ के डिप्टी कमिश्नर थे।

इस बिल को लेकर सरकार का विरोध करने वाले सेंथिल पहले आईएएस अधिकारी नहीं हैं। पूर्व आईएएस अफसर हर्ष मंदर ने भी ट्वीट कर इस बिल के खिलाफ देशवासियों से सविनय अवज्ञा आंदोलन छेड़ने की अपील की है। उनका कहना है कि नागरिकता संशोधन विधेयक और एनआरसी ध्रुवीकरण की कोशिश है। मंदर ने कहा है कि अगर सिटिजन अमेंडमेंट बिल राज्यसभा में पास हो गया तो वह अपना नाम एक मुस्लिम के तौर पर रजिस्टर करवा लेंगे और एनआरसी के लिए दस्तावेज जमा नहीं करेंगे। इतना ही नहीं उन्होंने कहा ऐसा होने पर एक आम मुस्लिम की तरह मैं भी समान सजा की मांग करूंगा।

बता दें इस विधेयक के मुताबिक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक प्रताड़ना के शिकार हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोग अगर 31 दिसंबर 2014 पहले से भारत आ गए हैं तो उन्हें अवैध प्रवासी नहीं माना जाएगा और उन्हें भारत की नागरिकता दी जाएगी।