विश्व कप में पाकिस्तान की धमाकेदार वापसी, खिताब के प्रबल दावेदार इंग्लैंड को दी 14 रन से मात

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पाकिस्तान ने सोमवार को आईसीसी विश्व कप-2019 के अपने दूसरे मैच में जोरदार वापसी करते हुए खिताब की सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही मेजबान इंग्लैंड को 14 रनों से हरा दिया।

अपने पहले मैच में वेस्टइंडीज के हाथों बुरी हार झेलने के बाद पाकिस्तान ने गलतियों में सुधार किया और सोमवार को आईसीसी विश्व कप-2019 के अपने दूसरे मैच में जोरदार वापसी करते हुए खिताब की सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही मेजबान इंग्लैंड को 14 रनों से हरा दिया।

पाकिस्तान ने बल्लेबाजी की दावत मिलने पर अपने बल्लेबाजों के संयुक्त प्रयास के दम पर 50 ओवरों में आठ विकेट के नुकसान पर 348 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड की मौजूदा टीम के रनों के पीछा करने के रिकॉर्ड तथा बल्लेबाजी की मजबूती और गहराई देखने के बाद लग रहा था कि वह यह मैच निकाल ले जाएगी लेकिन पाकिस्तान ने उसे 50 ओवरों में नौ विकेट के नुकसान पर 334 रनों पर ही रोक दिया।

पाकिस्तान की ओर से मैन ऑफ द मैच मोहम्मद हफीज ने 84, बाबर आजम ने 63, कप्तान सरफराज अहमद ने 55 रनों की अहम पारियां खेलीं। मेजबान इंग्लैंड के लिए जोए रूट ने 107 और जोस बटलर ने 103 रन बनाए। यह दोनों जब तक विकेट पर थे इंग्लैंड की जीत पक्की लग रही थी, लेकिन जैसे ही यह दोनों एक के बाद एक आउट हुए पाकिस्तान ने मैच का पलड़ा अपने पक्ष में मोड़ने में देर नहीं लगाई।

इसमें पाकिस्तान के वो दो तेज गेंदबाजों- मोहम्मद आमिर और वहाब रियाज की अहम भूमिका रही जिन्हें अनुभव का तर्क देकर बाद में विश्व कप टीम में शामिल किया गया था। इन दोनों के आखिरी ओवरों में फेंके गए स्पैल के दम पर पाकिस्तान जीत हासिल कर सकी। वहाब ने तीन और आमिर ने दो विकेट लिए।

मजबूत लक्ष्य के सामने इंग्लैंड को मनमाफिक शुरुआत नहीं मिली। दक्षिण अफ्रीका से प्रेरणा लेते हुए पाकिस्तानी कप्तान सरफराज ने भी शुरुआत में ही स्पिनर लगाए और जेसन रॉय (8) 12 के कुल स्कोर पर शादाब खान की गेंद पर पगबाधा करार दे दिए गए।

शतकवीर रूट ने क्रिज पर कदम रखा। वह 10 के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट सकते थे लेकिन बाबर ने आमिर की गेंद पर स्लिप में उनका कैच छोड़ दिया। रूट ने इस जीवनदान का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने पहले जॉनी बेयरस्टो (32) के साथ दूसरे विकेट के लिए 48 रन जोड़े। वाहब ने 60 के कुल स्कोर पर बेयरस्टो को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ी।

यह विकेट पाकिस्तान के लिए कारगर साबित हुआ और इसी के दम पर उसने दबाव बना इंग्लैंड के दो और बड़े बल्लेबाज इयोन मोर्गन (9) तथा बेन स्टोक्स (13) को पवेलियन भेज दिया। इंग्लैंड का स्कोर चार विकेट के नुकसान पर 118 रन था। रूट ने यहां से बटलर के साथ पारी को बनाना शुरू किया और सफल रहे। इस जोड़ी ने स्कोरबोर्ड को लगातार चला दबाव वापस से पाकिस्तान पर ला दिया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 130 रनों की साझेदारी की।

शतक पूरा कर चुके रूट कुछ देर बाद शादाब का शिकार बने। उनका विकेट 248 के कुल स्कोर पर गिरा। उन्होंने 104 गेंदों पर 10 चौके और एक छक्का मारा। बटलर हालांकि विकेट पर थे और अच्छा खेल रहे थे। उन्होंने 45वें ओवर की दूसरी गेंद पर अपना पहला विश्व कप शतक पूरा किया, लेकिन अगली ही गेंद पर आमिर ने अपनी धीमी गति की गेंद में उन्हें फंसा वहाब के हाथों उन्हें कैच कराया। बटलर ने 76 गेंदों का सामना किया और नौ चौकों के साथ दो छक्के मारे। इस समय इंग्लैंड का स्कोर 288 था और उसे जीतने के लिए 33 गेंदों पर 66 रनों की जरूरत थी।

यहां से आमिर और वहाब का स्पैल शुरू हो चुका था जिसने इंग्लैंड को हार के लिए विवश कर दिया। मोइन अली ने 19, क्रिस वोक्स ने 21, जोफ्रा आर्चर ने एक रन बनाया। मार्क वुड 10 और आदिल राशिद तीन रनों पर नाबाद लौटे। इससे पहले, बल्लेबाजी में पाकिस्तान के लिए इस मैच में हफीज का अनुभव और बाबर की प्रतिभा काम आई। हफीज ने 62 गेंदों पर आठ चौके और दो छक्के लगाए। आजम ने 68 गेंदों खेलीं और चार चौके, एक छक्का लगाया।

दरअसल, इन दोनों ने जो पारियां खेलीं उसके लिए मंच इमाम उल हक (44) और फखर जमन (36) की सलामी जोड़ी ने तैयार किया था। इस सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 82 रन जोड़े। 15वें ओवर की पहली गेंद पर अली ने फखर को आउट कर इस साझेदारी पर विराम लगाया।
बाबर के साथ मिलकर इमाम ने टीम का स्कोर 100 के पार पहुंचा दिया, लेकिन वह अपने अर्धशतक से छह रन से चूक गए। अली ने उनका विकेट 111 के कुल स्कोर पर चटकाया।

यहां बाबर और हफीज ने अपने अनुभव का फायदा उठाया और बिना किसी जल्दबाजी के स्कोरबोर्ड चलाते रहे। इन दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 88 रनों की साझेदारी की। टीम का स्कोर 199 था तभी अली ने बाबर को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ी। हफीज खड़े हुए थे और इस बार उन्हें सरफराज का साथ मिला। कप्तान ने हफीज के साथ चौथे विकेट के लिए 80 रन जोड़े। हफीज अपने शतक की ओर बढ़ रहे थे कि मार्क वुड ने उन्हें क्रिस वोक्स के हाथों कैच कराया।

कप्तान और आसिफ अली ने टीम का स्कोर 300 के पार पहुंचाया और इसके 11 रन बाद आसिफ 14 के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट लिए। 319 के कुल स्कोर पर वोक्स ने अपनी ही गेंद पर सरफराज को आउट कर दिया। सरफराज ने 44 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 55 रन बनाए।

शोएब मलिक (8), वहाब (4) जल्दी आउट हो गए। हसन अली और शादाब 10-10 रनों पर नाबाद लौटे। इंग्लैंड के लिए अली और वोक्स ने तीन-तीन विकेट लिए। वुड को दो सफलताएं मिलीं।