देशभर के करोड़ों लोगों को महँगी पड़ रही है मनपसंद चैनल देखने की आज़ादी

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‘जो चैनल देखिए सिर्फ उसका ही पैसा दीजिए।’ इसी स्लोगन के साथ टेलीकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने सभी मल्टी सर्विस ऑपरेटर्स (MSO) के साथ लोकल केबल ऑपरेटर्स (LCO) को भी नया टैरिफ सिस्टम लागू करने का आदेश दिया है। TRAI के इस नए नियम से उम्मीद की जा रही थी कि लोग अब सस्ते में अपना मनपसंद टीवी कार्यक्रम देख सकेंगे, लेकिन अब लोगों का यह सपना टूटने लगा है।

खर्च हुआ दोगुना, लेकिन मनपसंद चैनल भी नहीं मिले
आलम यह है कि पहले न्यूनतम 300 रुपये खर्च कर अपने पसंदीदा कार्यक्रम-चैनल देख लेते थे, लेकिन अब इसके लिए 500 रुपये के आसपास खर्च होने लगे हैं।  वजह, ट्राई की ओर से नए नियमों का बहाना बनाकर केबल ऑपरेटरों ने अभी से अधिकतर चैनलों को बंद कर दिया है। जबकि 31 मार्च के बाद ट्राई का नियम लागू होने के बाद 100 से अधिक चैनल देखने पर 130 रुपये देने होंगे। ऐसे में यदि कोई उपभोक्ता इससे अधिक चैनल देखेगो तो उसे हर 25 चैनल का पैक लेकर 18 प्रतिशत जीएसटी देकर 20 रुपये पैक में अतिरिक्त देना होगा।

बुद्धू बक्शे के सामने दर्शक बने बुद्धू
उपभोक्ताओं को सीधे पैकेज थमाया जा रहा है, जो 300 रुपये से लेकर 520 रुपये है, वहीं 130 रुपये में 100 फ्री चैनलों के दावे भी धराशायी हैं। फ्री 100 चैनलों का तय पैकेज है, जिसमें दूसरी भाषा व कई अनचाहे चैनल हैं। ऐसे में अब तक 250 रुपये से लेकर 300 रुपये तक महीने का किराये पर केबल से सभी चैनलों का लुत्फ उठा रहे उपभोक्ता ट्राई की इस कवायद में खुद को बुद्धू बनता देख रहे हैं।