गौरक्षा के नाम पर हत्या करने वाले को RSS का सपोर्ट: कहा – गौरक्षकों को सरकार और कोर्ट से डरने की ज़रूरत नहीं

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नागपुर। दशहरा के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने आरएसएस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि रोहिंग्या अपने ही देश के लिए खतरा हैं, तो हमारे देश में खतरे की चिंता क्यों नहीं चाहिए संघ प्रमुख ने सवाल किया कि रोहिंग्या यहां क्यों हैं? उन्हेंने देश क्यों छोड़ना पड़?

म्यांमार ने रोहिंग्या पर कड़ा कदम उठाया है। अगर उन्हें कहीं भी शरण दी जाती है, चाहे वह मानवता के आधार पर हो या सुरक्षा के आधार पर यह अच्छा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अगर रोहिंग्या को इस देश में रहने की अनुमति दी जाती है, तो वे हमारे देश के लिए खतरा बन जाएगे।

नागपुर मुख्यालय में शस्त्र पूजन के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए भागवत ने केंद्र की मोदी सरकार की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि आतंकियों को खत्म करने की रणनीतिक का सकारात्मक असर जमीन पर दिखने लगा है।

जिस दृढ़ता के साथ आतंकियों और सीमा पार फायरिंग से सरकार निपट रही है वह काबिलेतारीफ है। भागवत ने कहा कि हाल के महीनों में जिस तरह कश्मीर में अलगाववादियों को हैंडल किया गया है।

उसका सकारात्मक असर दिख रहा है। अलगाववादियों के अवैध आर्थिक स्त्रोतों को खत्म कर सरकार ने उनके झूठे प्रोपगेंडा और भड़काऊ कार्रवाई को नियंत्रित किया है।

मोहन भागवत ने गौवादी गुंडो का किया बचाव

गाय के नाम पर लोगों की पीट-पीटकर की जाने वाली हत्याओं पर आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार 30 सितंबर को साफ-साफ गौवादी गुंडों का बचाव किया है।

गौरक्षकों को चिंतित होने की जरूरत नहीं

मोहन भागवत ने कहा कि गौरक्षकों को हिंसक घटनाओं के साथ जोड़ना ठीक नहीं है। गौरक्षकों और गौपालकों को चिन्तित या विचलित होने की आवश्यकता नहीं है। चिंतित आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को होना चाहिए, गौरक्षकों को नहीं।

उन्होंने ऐलान किया कि गौरक्षा व गौसंवर्धन का वैध व पवित्र परोपकारी कार्य चलेगा और बढ़ेगा और यही इन परिस्थितियों का उत्तर भी होगा।
विजयदशमी के पर्व पर आरएसएस मुख्यालय में एक घंटे के अपने संबोधन में भागवत ने अवैध शरणार्थियों, गौ रक्षकों, जम्मू कश्मीर की स्थिति और आर्थिक हालात जैसे कई विषयों का जिक्र किया।

Courtesy: Open Khabar